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There is nothing wrong with good accounting, except that it does not necessarily lead to good science.

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Aggressive accounting does not mean illegal accounting.

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Accounting does not make corporate earnings or balance sheets more volatile. Accounting just increases the transparency of volatility in earnings.

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Wednesday, December 15, 2021

व्यक्तिगत खातों के लिए रोजनामचा में लेखा करने के नियम क्या हैं ? - What is the rules of Journalising For Personal Accounts ?

व्यक्तिगत खातों के  लिए रोजनामचा में लेखा करने के नियम इस प्रकार हैं (Rules Of  Journalising For Personal Accounts) 

लेने वाले के खाते को डेबिट (Debit The Receiver)
देने वाले के खाते को क्रेडिट करें (Credit The Giver)

उदाहरण के लिए :-
रोहित को 5000  रुपये दिए, यहाँ पर रोहित का खाता व्यक्तिगत खता है, रोहित रुपये लेने वाला है अतः  इस स्थिति में रोहित के खाते को डेबिट किया जायेगा। 

विशाल से 2000 रुपये मिले, यहाँ पर विशाल रुपये देने वाला है अतः इस स्तिथि में विशाल के खाते को क्रेडिट किया जायेगा।


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Friday, May 1, 2020

ह्रास (Depreciation) के क्या कारण हैं ?

ह्रास (Depreciation) के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं :-


  1. सम्पत्तियों के प्रयोग के कारण उनमे टूट-फुट होती है, घिसावट हो जाती है  और वे पुरानी एवं कमजोर हो जाती हैं। फलतः उनके मूल्य में कमी आ जाती है। 
  2. कुछ सम्पत्तियाँ ऐसी होती हैं जिनका काल निश्चित होता है। अतः जैसे-जैसे समय व्यतीत होता जाता है, उनके मूल्य में कमी होती रहती है.ऐसी सम्पत्तियों के मूल्य में कमी को समय बीतने पर ह्रास कहते हैं। 
  3. कभी कभी नए आविष्कार के कारण पुराणी सम्पत्तियो के बीकर न होने के बावजूद उसके मूल्य में कमी आ जाती है। इस हानि के अप्रचलन को ह्रास कहते हैं। 
  4. कुछ सम्पत्तियाँ नाशवान प्रकृति की होती हैं, जैसे - खनिज खदाने, जंगल, तेल के कुँए आदि अर्थात प्राकृतिक सम्पदाएँ।  ऐसी सम्पत्तियों में से जैसे-जैसे सामग्री निकाली जाती है, वैसे-वैसे इनके भण्डार में कमी होती जाती है।  भण्डार खली होने के इस कर्म को रिक्तीकरण कहा जाता है।  इस प्रकार रिक्तीकरण ह्रास का कारण है। 
  5. कभी-कभी संपत्ति के बाजार मूल्य में गिरावट आ जाती है।  इस प्रकार मूल्य में कमी को ह्रास माना जाता है। 

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Thursday, April 30, 2020

ह्रास (Depreciation) के आयोजन के उद्देश्य क्या है ?

ह्रास के आयोजन का प्रमुख उद्देश्य या आवश्यकता निम्नलिखित है :-


  1. सही उत्पादन लागत करने के लिए समुचित ह्रास की व्यवस्था करना आवश्यक है।  यदि ह्रास के लिए आयोजन न किया  जाए तो वस्तुओं की सही उत्पादन लागत की जानकारी नहीं होगी। 
  2. ह्रास एक प्रकार का व्यय है।  संपत्ति के निरंतर प्रयोग से इसके मूल्य में   है और इस कमी को प्रतिवर्ष लाभ-हानि खाते में लिखने आवश्यकता है अन्यथा शुद्ध लाभ या हानि का सही-सही पता नहीं लग सकता है। 
  3. किसी भी व्यवसाय को सही वित्तीय स्थिति का अध्ययन उसके चिट्ठे द्वारा होता है। अतः यह आवश्यकता है की चिट्ठे में सभी सम्पत्तियों को उनके वास्तविक मूल्य पर दिखाया जाए। 
  4. ह्रास का एक उद्देश्य यह भी है  कि जब संपत्ति का जीवन काम समाप्त हो जाए तो नयी संपत्ति खरीदकर उसका पुनः स्थापन किया जा सके। 
  5. पूंजी को सुरक्षित रखने की दृष्टि से भी ह्रास प्रबंध किया जाता है। 

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Thursday, February 20, 2020

ह्रास (Depreciation) की विशेषताएँ क्या हैं ?


ह्रास (Depreciation) की प्रमुख विशषताएँ निम्नलिखित है :-



  1. ह्रास की व्यवस्था स्थायी सम्पत्तियों के लिए की। 
  2.  ह्रास का आशय किसी स्थायी संपत्ति के पुस्तकीय मूल्य में कमी से होता है। 
  3. ह्रास के रूप में संपत्ति के मूल्य में निरंतर कमी होती रहती है। 
  4. संपत्ति के मूल्य में कमी धीरे-धीरे नियमित व् स्थायी रूप से होती है। 
  5. ह्रास अनेक कारणों से हो सकता है, जैसे-घिसावट और क्षय, समय का व्यतीत होना, संपत्ति का अप्रचलन दुर्घटना आदि। 
  6. ह्रास एक आगम हानि है जिसे लाभ-हानि खाते में प्रभावित किया जाता है। 
  7. ह्रास सम्पत्तियों की लागत के वितरण की प्रक्रिया है, मूल्याङ्कन की नहीं। 
  8. ह्रास गैर-नकद संचालन व्यय है। 

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Saturday, February 8, 2020

रोजनामचा के उद्देश्य क्या हैं ? - What is the purpose of the journal?

रोजनामचा (Journal) के निम्नलिखित उद्देश्य हैं - 

  1. जर्नल का उद्देश्य सभी लेन-देनों का लेखा सिसिलेवार व तिथिवार रखना है। 
  2. दोहरा लेखा प्रणाली में प्रत्येक लेन-देन के दो पक्ष होते हैं,जर्नल  हमें बताता है कि किस खाते को Debit  किया जाता है और किस  खाते को Credit  किया जाता है। 
  3. जर्नल का तीसरा उद्देश्य लेजर या खाताबही में खतौनी करने में सुविधा प्रदान करना है। 
  4. जर्नल का चौथा उद्देश्य सौदे के संबंध में जानकारी प्रदान करता है। 
  5. जर्नल का पांचवाँ उद्देश्य विवादों व् मतभेदों को हल करने में सहायता प्रदान करना है। 

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रोजनामचा के क्या लाभ हैं ? - What are the benefits of a journal?

  • तिथिवार लेन-देनों का विवरण प्राप्त होना - जर्नल में लेन-देनों की प्रविष्टि तिथिवार की जाती है, अतः लेन-देनों का विवरण तिथिवार मिल जाता है। 
  • खतौनी की सुविधा - जर्नल से खाताबही में खोले गए विभिन्न खतों में खतौनी करने से सुविधा होती है। 
  • लेन-देन का पूर्ण विवरण मिलना - जर्नल में लेन-देनों की प्रविष्टि के साथ-साथ सौदे का संक्षिप्त विवरण व्याख्या के रूप में दिया जाता है। 
  • अशुद्धियों की कम संभावना - जौर्नाल में सौदे के दोनों रूप यानी डेबिट और क्रेडिट की प्रविष्टियाँ साथ-साथ की जाती हैं। इससे अशुद्धियों की संभावना कम हो जाती है। 
  • झगड़ों का निपटारा - जर्नल व्यापारिक झगड़ों व मतभेदों को निपटाने में भी मदद करते हैं। 


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Tuesday, February 4, 2020

रोजनामचा क्या है ? - What is Journal ?

रोजनामचा दो शब्दों के संयोग से बना हुआ है।  इसमें पहला शब्द रोज है तथा दूसरा शब्द नामचा है।  रोज शब्द का मतलब प्रतिदिन से होता है और नामचा से मतलब दर्ज करने अर्थात लिखने से होता है। 

प्रत्येक दिन के लेंन-दिनों को तिथि अनुसार लिखे जाने को रोजनामचा कहते हैं।  व्यवसाय के घटना क्रमो को तिथि अनुसार लिखा जाना रोजनामचा कहलाता है।

बहुत पहले रोजनामचा लिखने का कोई खास तौर तरीका नहीं था, लोग जैसे-तैसे व्यावसायिक लेन-देंन को लिखा करते थे।

सन 1494 ई. में इटली के प्रसिद्ध विद्वान ल्यूक्स पेसियोली ने रोजनामचा तैयार करने का विशेष तरीका दिया।  उनके द्वारा दिए गए तरीके को दोहरा प्रतिष्ठि प्रणाली (Double Entry System) कहा जाता है।

ल्यूक्स पेसियोली द्वारा दिए गए तरीके के अनुसार व्यावसायिक घटना को दो-दो जगह लिखा जाता है।  एक जगह को डेबिट (Debit) तथा दूसरी जगह को क्रेडिट (Credit) कहा जाता है। 



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