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There is nothing wrong with good accounting, except that it does not necessarily lead to good science.
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Aggressive accounting does not mean illegal accounting.
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Accounting does not make corporate earnings or balance sheets more volatile. Accounting just increases the transparency of volatility in earnings.
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Tuesday, December 25, 2018
Thursday, October 25, 2018
व्यवसाय क्या है ?
व्यवसाय एक संगठन या आर्थिक व्यवस्था है जहां वस्तुओं और सेवाओं को एक दूसरे के लिए या पैसों के लिए अदला बदली कुया जाता है।
हम सभी को भोजन, कपडे और आश्रय की
जरुरत है। हमारे दैनिक जीवन में संतुष्ट होने के लिए हमारे पास अन्य घरेलु
आवश्यकताएँ भी हैं और हम दुकानदारों से इन आवश्यकताओं को पूरा कर सकते
हैं।
मनुष्य अपनी असीमित इच्छाओं को पूरा करने के लिए लगातार कुछ गतिविधियों में या अन्य में लगे हुए हैं हर दिन हम 'व्यवसाय' या 'व्यापारी' शब्द पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आते हैं। व्यापारआधुनिक दुनिया का अनिवार्य हिस्सा बन गया है।
आधुनिक व्यवसाय सेवा उन्मुख है। आधुनिक व्यवसायी अपनी सामजिक जिम्मेदारी के प्रति सचेत हैं। आज का व्यवसाय लाभ-उन्मुख की बजाय सेवा उन्मुख है।
व्यापर की विशेषताएं :
व्यवसाय की निम्नलिखित कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं :
- वस्तुओं और सेवाओं का आदान प्रदान करना
- लाभ मुख्या उद्देश्य है
- व्यापार जोखिम और अनिश्चितताओं के अधीन है
- प्रत्येक व्यावसायिक लेनदेन कम से कम दो पार्टियां होती हैं, एक खरीददार और दूसरा विक्रेता
- व्यवसाय गतिविधि माल या सेवाओं के उत्पादन से जुडी हो सकती हैं।
Friday, October 12, 2018
बैंक समाधान विवरण (Bank Reconciliation Statement) क्या है ?
बैंक समाधान विवरण एक ऐसा लेखा है जो Cash Book एवं Pass Book के शेष में हुए अंतर को मिलाने के लिए तैयार किया जाता है।
प्रायः प्रत्येक व्यवसायी किसी न किसी बैंक में चालू खता (Current Account) जरूर रखता है।
उसमे वह 1 दिन कई बार रुपया जमा करता है और दिन में कई बार रुपया निकालता भी है। किसी से चैक प्राप्त होने पर उसे बैंक में जमा करता है और किसी को भुगतान के रूप में चैक देता भी है। चैक पाने वाले व्यक्ति को बैंक द्वारा रुपया दिया जाता है।
व्यवसायी और बैंक के बीच जो लेन-देन होता है उसे व्यवसायी भी अपने बही खाते में लिखता है और बैंक भी अपने बही खाते में लिखता है।
चूँकि Cash Book और Pass Book दोनों बहियों में एक ही तरह के लेन-देन को दिखाया जाता है इसलिए दोनों बहियों का शेष समान होता है और होना भी चाहिए परन्तु ख़ास तिथि पर जब दोनों बहियों को मिलाया जाता है तो दोनों बहियों के शेष में अंतर पाया जाता है।
दोनों बहियों के शेष में अंतर क्यों हुआ इसे ही जाहिर करने के लिए व्ययवसायी के द्वारा समय-समय पर एक लेखा तैयार किया जाता है जिसे बैंक अधिकोष समाधान विवरण कहा जाता है।
Monday, October 8, 2018
समायोजन (Adjustment) क्या है ?
Trial Balance से बहार दी गयी सूचनाओं को समायोजन (Adjustment) कहा जाता है।
दूसरे शब्दों में हम ऐसे भी कह सकते हैं कि बाहर अवस्थित वह सूचनाएं जिन्हें Final Account में शामिल किया जाता है, उसे समायोजन (Adjustment) कहा जाता है। समायोजन (Adjustment) का लेखा दी जगह पर होता है।
समायोजन का उदाहरण :-
व्यापारी 31 दिसंबर को अंतिम खता तैयार करता है। एक कर्मचारी का दिसंबर माह का वेतन 1500 रु. 5 जनवरी को चुकाया गया। अतः 31 दिसंबर को समाप्त होने वाले वर्ष लाभ-हानि खाते में इस व्यय को दिखाना होगा क्योंकि यह अदत्त व्यय उसी अवधि से संबधित है, न कि अगले वर्ष से।
समायोजन की विशेषताएं :-
दूसरे शब्दों में हम ऐसे भी कह सकते हैं कि बाहर अवस्थित वह सूचनाएं जिन्हें Final Account में शामिल किया जाता है, उसे समायोजन (Adjustment) कहा जाता है। समायोजन (Adjustment) का लेखा दी जगह पर होता है।
समायोजन का उदाहरण :-
व्यापारी 31 दिसंबर को अंतिम खता तैयार करता है। एक कर्मचारी का दिसंबर माह का वेतन 1500 रु. 5 जनवरी को चुकाया गया। अतः 31 दिसंबर को समाप्त होने वाले वर्ष लाभ-हानि खाते में इस व्यय को दिखाना होगा क्योंकि यह अदत्त व्यय उसी अवधि से संबधित है, न कि अगले वर्ष से।
समायोजन की विशेषताएं :-
- सभी समायोजनाएँ दो खातों को प्रभावित करती हैं।
- समायोजन तलपट के बाहर दिए होते हैं।
- समायोजन प्रविष्टियां रोकड़ खाते को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित नहीं करती हैं।
- यदि समायोजन तल का कोई मद तलपट में दिया हो तो इसे सिर्फ स्थिति-विवरण में दिखाया जाएगा। क्रेडिट शेष को दायित्व भाग में और डेबिट शेष को संपत्ति भाग में दिखाया जाएगा।
ह्रास (Depreciation) क्या है ?

वास्तुतः मूल्य में ह्रास (Depreciation) कई कमी से होता है जैसे - टूट-फुट, समय का व्यतीत होना, अप्रचलन, दुर्घटना आदि।
सामान्य बोलचाल की भाषा में मूल्य ह्रास (Depreciation) का अभिप्राय मूल्य में कमी से होता है परन्तु इसे लेखांकन की दृष्टि से से देखा जाए तो इसका अर्थ स्थायी संपत्ति के पुस्तकीय मूल्य में कमी से है।
Final Account क्या है ?
अंतिम लेखा लेखांकन का एक मुख्या हिस्सा होता है जिसके अंतर्गत व्यवसाय के लाभ हानि को निर्धारित किया जाता है और व्ययवसाय की वृत्तिय स्थिति को प्रकट किया जाता है।
इसे हम ऐसे भी कह सकते हैं कि लाभ हानि एवं व्यवसाय की स्थिति को जानने के लिए जो लेखा तैयार किया जाता है, उसे Final Account कहते हैं।
एक माह, तीन माह, छः माह एवं एक वर्ष के अंतराह पर तैयार किया जाता है। समान्यतया व्यवसायी लोग एक-एक वर्ष पर यह लेखा तैयार करते हैं।
Final Account तैयार करने के लिए बहुत सारे लेखा को तैयार करना पड़ता है। अंत में लाभ-हानि एवं व्यवसाय की स्थिति को जानने के लिए लेखतेयार किया जाता है। इसलिए इसे अंतिम लेखा कहा जाता है।
Final Account, Trial Balance में दी गयी सूचना के आधार पर बनाया जाता है।
Trial Balance, Ledger में दी गयी सूचनाओं के आधार पर बनाया जाता है और Ledger, Journal में दी गयी सूचनाओं के आधार पर बनाया जाता है।
अतः Final Account के लिए Trial Balance का होना जरुरी है, Trial Balance के लिए Ledger का होना जरुरी है तथा Ledger के लिए Journal का होना जरुरी है।
लेखांकन एक वृक्ष के समान है जिसकी जड़ को Journal कहा जा सकता है, तना एवं शाखाओं को Ledger एवं Trial Balance कहा जाता है तथा शीर्ष भाग को जिसमें फल लगता है उसे Final Account कहना गलत नहीं होगा।
Final Account के अंतर्गत निम्नलिखित तीन Account तैयार किये जाते हैं :-
- Trading Account(व्यापार खाता)
- Profit & Loss Account (लाभ-हानि खाता)
- Balance Sheet (स्तिथि विवरण)
Saturday, October 6, 2018
विनिमय विपत्र (Bill Of Exchange) क्या है ?
वह प्रपत्र जिसपर एक निश्चित राशि चुकाए जाने का आदेश होता है उसे विनिमय विपत्र कहते हैं।
एक व्यक्ति के द्वारा लिखा गया तथा दूसरे व्यक्ति के द्वारा स्वीकार किया गया वह प्रपत्र जिसपर एक निश्चित राशि चुकाय जाने का आदेश होता है, उसे विनिमय विपत्र कहा जाता है।
कोई व्यक्ति जब किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ उधार वास्तु बेचता है तो बेचने वाले का रुपया यहां बाकी रह जाता है। बकाया राशि सही समय पर वसूल हो सके इसके लिए बेचने वाला व्यक्ति एक प्रपत्र तैयार करता है जिसपर बकाया राशि चुकाने का आदेश दिया जाया है। खरीदने वाले व्यक्ति (ऋणी) से उस पर हस्ताक्षर करा लिया जाता है। यही हस्ताक्षर युक्त प्रपत्र विनिमय विपत्र के नाम से जाना जाता है।
इस प्रकार विनिमय-पत्र एक लिखित शर्तरहित आदेश-पत्र है। जिसके द्वारा एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को उसे उसके द्वारा निर्देशित किसी व्यक्ति को निश्चित अवधि के पश्चात एक निश्चित भुगतान करने का आदेश देता है।
आधुनिक युग साख का युग मन जाता है क्योंकि लाखों रुपयों की वस्तुएं साख पर क्रय-विक्रय हुआ करती हैं। व्यवसाय बड़ी राशि का नकद भुगतान तुरंत देना या पाना कठिन होता है। साख-पत्रों ने भुगतान संबंधी ईसिस कठिनाई को दूर कर दिया है। इन साख-पत्रों में विनिमय-विपत्र के नाम भी उल्लेखनीय हैं।
Bills Of Exchange लेनदार द्वारा लिखा जाता है और यह शर्तरहित प्रलेख है और इसमें भुगतान का आदेश होता है।
एक व्यक्ति के द्वारा लिखा गया तथा दूसरे व्यक्ति के द्वारा स्वीकार किया गया वह प्रपत्र जिसपर एक निश्चित राशि चुकाय जाने का आदेश होता है, उसे विनिमय विपत्र कहा जाता है।
कोई व्यक्ति जब किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ उधार वास्तु बेचता है तो बेचने वाले का रुपया यहां बाकी रह जाता है। बकाया राशि सही समय पर वसूल हो सके इसके लिए बेचने वाला व्यक्ति एक प्रपत्र तैयार करता है जिसपर बकाया राशि चुकाने का आदेश दिया जाया है। खरीदने वाले व्यक्ति (ऋणी) से उस पर हस्ताक्षर करा लिया जाता है। यही हस्ताक्षर युक्त प्रपत्र विनिमय विपत्र के नाम से जाना जाता है।
इस प्रकार विनिमय-पत्र एक लिखित शर्तरहित आदेश-पत्र है। जिसके द्वारा एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को उसे उसके द्वारा निर्देशित किसी व्यक्ति को निश्चित अवधि के पश्चात एक निश्चित भुगतान करने का आदेश देता है।
आधुनिक युग साख का युग मन जाता है क्योंकि लाखों रुपयों की वस्तुएं साख पर क्रय-विक्रय हुआ करती हैं। व्यवसाय बड़ी राशि का नकद भुगतान तुरंत देना या पाना कठिन होता है। साख-पत्रों ने भुगतान संबंधी ईसिस कठिनाई को दूर कर दिया है। इन साख-पत्रों में विनिमय-विपत्र के नाम भी उल्लेखनीय हैं।
Bills Of Exchange लेनदार द्वारा लिखा जाता है और यह शर्तरहित प्रलेख है और इसमें भुगतान का आदेश होता है।













