रोजनामचा दो शब्दों के संयोग से बना हुआ है। इसमे पहला शब्द रोज है तथा दूसरा शब्द नामचा है। रोज का मतलब प्रतिदिन होता है तथा नामचा का मतलब दर्ज करने अर्थात लिखने से होता है।
प्रत्येक दिन के लेन-दिनों को तिथी अनुसार लिखे जाने को रोजनामचा कहते हैं। व्यवसाय के घटनाक्रमों को तिथी अनुसार लिखा जाना रोजनामचा कहलाता है।
रोजनामचे के प्रारूप (Format Of Journal)
उपरोक्त प्रारूप में खानों पर नंबर केवल यह समझाने के लिए डाले गए हैं कि जर्नल तैयार किया जाता है। वास्तव में इस प्रकार नंबर नहीं डाले जाते हैं।
रोजनामचा या जर्नल के पांच खाने होते हैं-
तिथि (Date):- यह रोजनामचा का पहला कहना है। इस खाने में सबसे ऊपर वर्ष लिखते हैं, फिर नीचे सौदे की तारीख को लिखा जाता है। तारीख लिखते समय पहले महीना और फिर तिथी लिखते हैं।
विवरण (Particulars):- यह सबसे महत्वपूर्ण खाना है। इस खाने में प्रभावित खातों के नाम दो पंक्तियों में लिखे जाते हैं।
पहली पंक्ति में डेबिट (Dr.) होने वाले खाते का नाम लिखा जाता है और दूसरी पंक्ति में क्रेडिट (Cr.) होने वाले खाते का नाम लिखा जाता है।
खाता पृष्ठ संख्या (Ledger Folio):- जरनल का तीसरा खाना खाता पृष्ठ संख्या का होता है। यह खाना छोटा बनाया जाता है। शीर्षक संक्षेप में लिखा जाता है, जैसे- L.F. इस खाने में खाताबही के उस पृष्ठ की संख्या लिखी जाती है जिस पर यह खाता ख़ातियाया गया है।
राशि (Amount):- राशि के दो खाने होते हैं। पहले खाने में डेबिट खाते वाली राशि और दूसरे खाने में क्रेडिट खाते वाली राशि लिखी जाती है। डेबिट किये जाने वाले खातों की राशि डेबिट वाली प्रविष्टि के सामने लिखी जाती है और क्रेडिट किये जाने वाले खातों की राशि क्रेडिट वाली प्रविष्टि के सामने लिखी जाती है।
Also Read:-